आत्मनिर्भर भारत:- एक बार पुनः अपने दायित्व के निर्वहन के लिए तैयार आरसेटी

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गाजीपुर: -

आत्मनिर्भर भारत: - एक बार पुनः अपने दायित्व के निर्वहन के लिए तैयार आरसेटी

संवाददाता: - विनीत पाण्डेय'भार्गव '

जिले के अग्रणी बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित केंद्रीय ग्रामीण प्रशिक्षण संस्थान इस समय जिले के युवाओ और युवतियों के लिए लॉक डाउन के बाद अब प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें स्वावलंबी और अनुकूल बनाने की दिशा में एक बार फिर से अपना भूमिका निभाने को तैयार हैं। जिले के ज्यादातर युवा काम के तलाश के लिए अपने जनपद से आजीविका के लिए अन्य राज्यो के लिए पलायन कर रहे हैं। इसी कड़ी में आरसेटी जनपद में युवाओं को जनपद में ही रोजगार के साधन उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उनका पलायन रुक सके। जहां लॉक डाउन के दौरान आये हुवे प्रवासियों को प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। जहां तक ​​धीरे-धीरे सरकारी नौकरियों में अवसर कम होते जा रहे हैं अब युवाओं के लिए यह स्वरोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

 इस प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा आत्मनिर्भर बनकर अपने जिले में ही रहकर स्वरोजगार कर सकते हैं। इस संस्थान में प्रशिक्षणक्षुओं को उद्यमिता के साथ साथ संबंधित ट्रेड में विषय के विशेषज्ञों द्वारा उन्हें संबंधित ट्रेड में ईमेल किया जाता है। प्रशिक्षणदाता भारत सरकार के मानक के अनुरूप उन्हें प्रतिदिन 8 घंटे प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। इसलिए अपने तरीके में पूरी तरह से आक्रामक हो और स्वरोजगार करने लायक हो।

 

यहां पर संस्थान के निदेशक श्री बिनोद प्रसाद शर्मा और वरिष्ठ संकाय प्रमुख श्री सुशान्त श्रीवास्तव द्वारा बिजनेस करने के तरीके और विभिन्न खेलों के द्वारा उनको व्यापार के तौर तरीको के बारे में भी बताया जाता है। उनको किसी भी व्यापार को शुरू करने के लिये किन-किन चीज़ों की आवश्यकता होती है। इसके बारे में बताया जाता है। बैंकिंग से लेकर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवाया जाता है, ताकि अपने व्यापार को शुरू करने में कोई दिक्कत नही हो। संस्थान में यहा पर निःशुल्क प्रशिक्षण सामग्री निःशुल्क आवासीय व्यवस्था प्रदान की जाती है। निःशुल्क भोजन प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण तरीके से प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण समाप्त होने पर ग्रामीण विकास मंत्रालय के परीक्षको के द्वारा आकर उनका मूल्यांकन किया जाता है। प्रशिक्षण संस्थान से प्राप्त सर्टिफिकेट के आधार पर ऋण लेकर अपना कोई  छोटा व्यापार भी शुरू कर सकते हैं । इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम को यूनियन बैंक सोशल फाउंडेशन मुंबई और क्षेत्र प्रमुख श्री रंजीत सिंह द्वारा पर्यवेक्षण किया जाता है। प्रशिक्षण उपरांत 2 वर्ष तक प्रशिक्षण लेने वालों का अनुवर्तन किया जाता है। कि प्रशिक्षण प्राप्ति के पश्चात कुछ कर रहे कि नही अगर किसी प्रकार की कोई समस्या आती हैं तो संस्थान के अधिकारियों द्वारा इसका निराकरण किया जाता है। संस्थान द्वारा लॉक डाउन और अन लॉक डाउन के समय 4 महीनों में 35000 मास्क का वितरण जिला प्रसाशन जिलाधिकारी श्री ओम प्रकाश आर्य, मुख्य विकास अधिकारी श्री श्री प्रकाश गुप्ता ,जॉइंट मजिस्ट्रेट और उप जिलाधिकारी सदर श्री प्रभाष कुमार (आईएएस) का अमूल्य सहयोग मिला जिनके द्वारा अन्य संस्थाएं भी अपना सहयोग दी। संस्थान में सेल फोन, इलेक्ट्रिक मोटर, कंप्यूटर टैली, एसी, फ्रीज़ मरम्मत ,चार पहिया चालन, महिलाओं के लिये सिलाई कटाई ,ब्यूटी पार्लर जैसे अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण निःशुल्क प्रदान किया जाता है। आज ये संस्थान विगत 10 वर्षो से जनपद के युवाओं के स्वरोजगार के लिये मिल का पत्थर साबित हो रहा है।